सैलरीड क्लास वालों की मौज कर देगी वित्त मंत्री की ये घोषणा
Five Income Tax Changes Expected: फाइनेंशियल ईयर 2025 का बजट 1 फरवरी को पेश होने वाला है. इस बार के बजट को लेकर लोगों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है. राष्ट्र की इकोनॉमी इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे में इस वर्ष के बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं. लोगों को आशा है कि गवर्नमेंट ऐसी निर्णय लेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो और रोजगार के नए अवसर पैदा हो और निवेश के नए अवसर बनें. आज हम आपको लोगों की उन उम्मीदों के बारे में बात करेंगे, यदि गवर्नमेंट ने उनका घोषणा कर दिया तो नौकरीपेशा की बल्ले-बल्ले हो जाएगी.

स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़कर एक लाख हो
जानकारों को मानना है कि आम आदमी को राहत देने के लिए गवर्नमेंट को स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ावा देना चाहिए. पिछले कई वर्ष से स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाने की मांग सैलरीड क्लास की तरफ से की जा रही है. अभी न्यूज टैक्स रिजीम और ओल्ड टैक्स रिजीम के अनुसार स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट भिन्न-भिन्न है. लोगों की मांग है कि ओल्ड टैक्स रिजीम के अनुसार स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 50000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये की जानी चाहिए. इसी तरह न्यू टैक्स रिजीम में भी यह लिमिट बढ़कर एक लाख होनी चाहिए. यदि गवर्नमेंट ऐसा करती है तो लोगों के हाथ में अधिक पैसा आएगा और वे अधिक खर्च करेंगे, जिससे राष्ट्र की इकोनॉमी को लाभ होगा.
पांच लाख तक की इनकम पर जीरो टैक्स
बजट 2025 से पहले लोगों की यह भी मांग है कि गवर्नमेंट की तरफ से इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए इनकम टैक्स से छूट की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाए. यदि गवर्नमेंट इस लिमिट को बढ़ाती है तो लोगों के हाथ में टैक्स फ्री इनकम ज्यादा आएगी और वह पहले से ज्यादा खर्च कर सकेंगे. गवर्नमेंट का यह कदम लोअर और मिडिल क्लास इनकम वाले लोगों को सीधे लाभ पहुंचा सकता है.
80C के अनुसार निवेश करने की छूट बढ़े
लोगों को यह भी आशा है कि गवर्नमेंट टैक्स से बचने के लिए मिलने वाली छूट की लिमिट को और बढ़ा देगी. अभी इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के अनुसार लोगों को डेढ़ लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स नहीं देना पड़ता. लेकिन लोगों को आशा है कि गवर्नमेंट आने वलो समय में इसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर देगी. इससे लोग अधिक सेविंग और निवेश कर सकेंगे, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा. इससे राष्ट्र की इकोनॉमी को भी लाभ होगा. साथ ही, गवर्नमेंट से यह भी अपील की जा रही है कि साढ़े आठ लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लिया जाए, जिससे मिडिल क्लास को राहत मिलेगी.
महिलाओं के लिए ज्यादा रोजगार की मांग
लोगों की मांग है कि गवर्नमेंट को ऐसे नियम बनाने चाहिए, जिससे सभी को समान मौके मिलें. स्त्रियों को अधिक से अधिक जॉब के मौके मिलने चाहिए, जिससे राष्ट्र का विकास होगा. गवर्नमेंट को ऐसे नियमों में परिवर्तन करना चाहिए जिससे कंपनियों को स्त्रियों को जॉब देने के लिए प्रोत्साहन मिले. अभी गवर्नमेंट कंपनियों को 25,000 रुपये से कम सैलरी पर जॉब देने पर कुछ टैक्स छूट देती है, लेकिन इस लिमिट को बढ़ाकर 35,000 रुपये कर देना चाहिए. साथ ही, यदि कोई कंपनी अधिक स्त्रियों को जॉब देती है तो उसे अधिक टैक्स छूट मिलनी चाहिए.
शेयर बाजार में निवेश करने वालों को छूट मिलेगी?
जानकारों का यह भी तर्क है कि यदि गवर्नमेंट शेयर बाजार में निवेश करने वालों को अधिक टैक्स छूट देगी तो लोगों के पास अधिक पैसा जमा होगा. इसका सीधा लाभ राष्ट्र की इकोनॉमी को मिलेगा. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट को टैक्स के नियमों को आसान बनाना चाहिए और उन्हें दुनिया के दूसरे राष्ट्रों के नियमों के अनुरूप बनाना चाहिए. इससे लोगों को निवेश करने में सरलता होगी. गवर्नमेंट को ऐसे नियम बनाने चाहिए जो लोगों को शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करें. इन दिनों शेयर बाजार में तेजी से उतार-चढ़ाव आ रहा है, इसलिए गवर्नमेंट को ऐसे नियम बनाने चाहिए जिससे लोग शेयर बाजार में निवेश करने से डरें नहीं.

