उत्तराखण्ड

आज होगा चुनाव की तारीखों का ऐलान, ये होंगे बदलाव

वाणिज्यिक वाहनों पर प्रचार सामग्री अनुमन्य नहीं-दुपहिया गाड़ी से प्रचार के लिए आरओ से अनुमति महत्वपूर्ण होगी, जिस पर एक झंडा लगाने की छूट होगी. ई-रिक्शा, तिपहिया गाड़ी एवं चौपहिया गाड़ी पर भी कोई बैनर अनुमन्य नहीं है. यदि ऐसा गाड़ी वैध प्रचार गाड़ी है तो उस पर सिर्फ़ एक झण्डा (1×0.5 फीट) अनुमन्य है. वाणिज्यिक वाहनों पर प्रचार सामग्री अनुमन्य नहीं है.

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मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन न हो

-ऐसे काम, जिनका टेंडर निकलने के बाद वर्कऑर्डर हो चुका है लेकिन मौके पर भौतिक रूप से काम प्रारम्भ न हुआ हो, वह इस दौरान प्रारम्भ नहीं किए जा सकते.

-ऐसे काम जो मौके पर भौतिक रूप से प्रारम्भ हो चुके हैं, वह जारी रहेंगे.

-निजी गाड़ी पर बिना किसी दबाव झंडा, स्टीकर लगाया जा सकेगा, बशर्ते वह मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन न हो.

झंडा, कटआउट इत्यादि प्रतिबंधित नहीं

  • अपने निजी भवन पर बैनर, झंडा, कटआउट इत्यादि प्रतिबंधित नहीं है, बशर्ते भवन स्वामी ने ये काम अपनी ख़्वाहिश से किया हो. अधिकतम तीन झंडे लगा सकते हैं.
  • प्रत्याशी भवन स्वामी की लिखित अनुमति के बाद ही निजी भवन पर अपनी प्रचार सामग्री लगा सकता है, जिसकी रिटर्निंग अधिकारी को जानकारी देनी होगी. नहीं तो 500 रुपये जुर्माना लगेगा.

ये होंगे बदलाव

-सभी सरकारी संपत्तियों से 24 घंटे के अंदर समस्त प्रचार सामग्री पोस्टर, बैनर, पंफ्लेट हटाए जाएंगे. सरकारी कार्यालयों, सभागारों, ऑफिसरों के कक्षों में लगी सभी जीवित सियासी महानुभावों की फोटो भी हटेगी. सिर्फ़ राष्ट्रपति, गवर्नर की फोटो लगी रह सकती है.

-लोक संपत्तियों बस स्टैंड, सड़क, सार्वजनिक चौराहों, बिजली के खम्बे, अंडरपास इत्यादि से 48 घंटे के अंदर समस्त प्रचार सामग्री पोस्टर, बैनर, पंफ्लेट हटाए जाएंगे.

निर्वाचन आयोग (ईसी) आज दोपहर तीन बजे लोकसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा. इसके साथ ही देशभर में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो जाएगी. वहीं उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद अगले 24 घंटे में सभी सरकारी संपत्तियों पर लगी प्रचार सामग्री हटा दी जाएंगी.

संभावना है कि 543 सीटों के लिए सात या आठ चरणों में मतदान कराया जाएगा. आयोग कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की भी घोषणा कर सकता है.  चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद सरकारी संपत्तियों पर लगी प्रचार सामग्री हटाने का काम चुनाव आयोग की राज्य इकाई के माध्यम से जिलावार कराया जाएगा.

इसी प्रकार, जिन निर्माण या अन्य कार्यों के टेंडर पूरी में जारी हो चुके हैं और कार्यादेश जारी हो चुके होंगे लेकिन काम प्रारम्भ नहीं हो पाया, वह प्रारम्भ नहीं होगा. ऐसे ही कई अन्य परिवर्तन भी आचार संहिता के बाद नजर आएंगे.

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