जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क गर्मी के दौरान आने वाली दिक्कतों पर प्रशासन ने काम किया शुरू
नैनीताल। उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क अपनी जैव विविधता और बाघों के लिए विश्व में मशहूर है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क गर्मी के दौरान आने वाली दिक्कतों पर प्रशासन ने काम प्रारम्भ कर दिया है। अब गर्मी के मौसम में जंगली जानवरों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। गर्मी और फायर सीजन को ध्यान में रखते हुए कॉर्बेट प्रशासन ने जंगल के भीतर 150 से अधिक वाटर होल्स (जल स्रोत) तैयार किए हैं, जिससे जंगली जानवरों को पर्याप्त पानी मिल सके।
कॉर्बेट नेशनल पार्क 1288 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, यहां 260 से अधिक बाघ, 1000 से अधिक हाथी, लेपर्ड, भालू, हिरण और 600 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। गर्मी के दिनों में पानी की कमी से जंगली जानवर अक्सर जनसंख्या वाले इलाकों की ओर रुख करने लगते हैं, जिससे इंसानों और जंगली जानवरों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने जंगल के भीतर प्राकृतिक और कृत्रिम (मैन मेड) वाटर होल्स में पानी भरने का कार्य प्रारम्भ कर दिया है।
हर 2 किमी पर वाटर होल्स किए गए तैयार
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वॉर्डन अमित ग्वासाकोटी ने कहा कि जंगल में हर 2 किलोमीटर पर एक वाटर होल तैयार किया गया है। इनमें से कुछ वाटर होल्स को बोरिंग और पाइपलाइन से जोड़ा गया है, जबकि कुछ को टैंकरों के जरिए भरा जाता है। इन सभी जल स्रोतों की लगातार नज़र की जा रही है ताकि पानी की कमी न हो और वन्यजीवों को गर्मी में राहत मिल सके।
जंगली जानवरों को पसंद आ रहा वाटर होल्स
गर्मी बढ़ने के साथ ही कॉर्बेट पार्क के इन जल स्रोतों में जंगली जानवरों को नहाते और पानी पीते हुए देखा जा सकता है। आए दिन सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिनमें जंगली जानवर गर्मी से राहत पाने के लिए इन वाटर होल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक कॉर्बेट पार्क में वन्यजीवों का दीदार करने पहुंचते हैं। प्रशासन की यह पहल वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को बनाए रखने के लिए एक जरूरी कदम है।

