Badrinath: बदरीनाथ धाम में जल्द दूर होने वाली है बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं
बदरीनाथ धाम में जल्द ही 24 घंटे बिजली आपूर्ति होगी. बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में आयोजित वित्त व्यय समिति (ईएफसी) की बैठक में बदरीनाथ में गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन स्थापित करने को स्वीकृति मिल गई.

कई अन्य योजनाओं पर भी समिति ने अनुमोदन दिया है. बैठक ईएफसी ने बदरीनाथ धाम में सिविक एमिनिटी भवन निर्माण के लिए 25.66 करोड़ के पुनरीक्षित आगणन पर अनुमोदन दिया. मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में विभिन्न प्रस्ताव आए.
गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन लगने के बाद बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के अनुसार 33/11 केवी सब स्टेशन और 33 केवी और 11 केवी की एचटी, एलटी लाइन निर्माण कार्य पूर्ण होने से धाम में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा सकेगी. 33/11 केवी सब-स्टेशन और 33 केवी बे का निर्माण करने और पांडुकेश्वर सब-स्टेशन से बदरीनाथ धाम तक 19.5 किमी 33 केवी की विद्युत लाइन निर्माण के साथ-साथ 11 केवी अंडर ग्राउंड विद्युत लाइन का निर्माण कराया जाएगा.
यूपीसीएल प्रदेश का पहला गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन यहां स्थापित करेगा. गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन एयर इंसुलेटेड के मुकाबले काफी कम जगह में स्थापित हो जाता है. इसमें फॉल्ट नहीं होते. स्पार्क न होने के कारण मशीनें भी खराब नहीं होती. जिससे 24 घंटे बिना रुकावट आपूर्ति संभव होती है.
बागेश्वर-अमसरकोट मार्ग से नंदीगांव तक बनेगा मोटरमार्ग
राज्य योजना के अनुसार बागेश्वर-अमसरकोट मोटर मार्ग से नंदीगांव तक मोटर मार्ग के निर्माण कार्य के लिए 830.58 लाख रुपये का संशोधित एस्टीमेट मंजूर किया गया है. यह बागेश्वर ब्लॉक का जरूरी ग्रामीण मार्ग है. बदरीनाथ धाम में एनएचपीसी की ओर से सिविक एमिनिटी भवन निर्माण के लिए 25.66 करोड़ के संशोधित एस्टीमेट पर सहमति प्रदान करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा, तीर्थयात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है. भारी आवश्यकता और सुविधाओं की कमी को देखते हुए पीएम ने बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान की घोषणा की है. इसके अनुसार ही सिविक एमिनिटी भवन के निर्माण का कार्य होना है. बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, पंकज कुमार पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.

