नि:शुल्क तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन करने से पहले जरूर जान लें ये सबसे जरूरी मुख्य बातें…
राजस्थान में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के आवेदन आज से प्रारम्भ कर दिए गए है. औनलाइन आवेदन करने होंगे. इस बार राज्य गवर्नमेंट कुल 56 हजार तीर्थ यात्रियों को यात्रा कराने जा रही है. यात्रियों को ट्रेन के साथ हवाई जहाज से भी यात्रा कराई जा रही है. सूची में 15

देवस्थान आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने कहा कि देवस्थान विभाग की ओर से कराई जाने वाली वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन देवस्थान विभाग की वेबसाइट से किए जा सकेंगे. यात्रा में आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 अगस्त रखी गई है. इस बार ट्रेन से 50 हजार और हवाई जहाज से 6 हजार यात्रियों को तीर्थ यात्रा कराई जाएगी. इस बार साधारण कोच की स्थान थर्ड एसी कोच किया है. पहले केवल 35 हजार वरिष्ठ नागरिक ही ट्रेन और हवाई मार्ग से यात्रा कर पाते थे. इस बार यह संख्या बढ़ाकर 56 हजार कर दी गई है.
आपको ऐसे चुनना होगा धार्मिक तीर्थ स्थल ट्रेन से राष्ट्र के 15 धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाती है. इनमें से यात्रा के लिए सूची के 15 तीर्थ स्थलों में से 3 तीर्थ के ऑप्शन चुनने होंगे. इसके बाद जिस तीर्थ के लिए जितने यात्री होंगे उनकी लॉटरी निकाली जाएगी. हवाई यात्रा में 6 हजार यात्रियों को यात्रा करवाई जाएगी. हवाई यात्रा किन तीर्थ स्थलों के लिए कराई जाएगी ये आवेदन आने के बाद तय किया जाएगा पर वैसे नेपाल की पशुपतिनाथ मंदिर की आसार बहुत अधिक बनती है.
ट्रेन के कोच स्वरूप भी बदलेगा
इस बार यात्रा के लिए ट्रेन के 11 डिब्बों (कोच) को राजस्थानी संस्कृति की थीम पर विशेष रूप से डिजाइन किया गया है. इसके कोच पर राजस्थानी लोकनृत्य, लोक कलाएं, त्योहारों की झलक, मंदिर, दुर्ग, वन्यजीव अभयारण्य और प्रमुख पर्यटन स्थलों की पेंटिंग्स दिखाई देंगी. हर कोच में अलग थीम रखी गई है. इससे यात्रा के दौरान ही राजस्थान की विविध संस्कृति का अनुभव हो सकेगा.
कौन कर सकता है यात्रा जानिए नियमों को
- राजस्थान का मूल निवासी
- 1 अप्रेल 2025 को आधार मानकर आवेदक की उम्र 60 साल होनी चाहिए, यानि की आवेदन करने वाले का जन्म 1 अप्रेल 1965 से पूर्व का हो
- आवेदक स्वयं और जीवन साथी आयकरदाता नहीं हो
- आवेदक ने पूर्व में नि:शुल्क तीर्थ यात्रा का फायदा नहीं उठाया हो
- सेवानिवृत राजपत्रित अधिकारी यात्रा के पात्र नहीं होंगे
जीवन साथी और सहायक के बारे में जानिए नियम
- आवेदक अपने साथ जीवनसाथी अथवा सहायक में से किसी एक को लेकर
- जाने के लिए अनुमत होगा.
- आवेदक के जीवन साथी की उम्र 60 साल से कम होने पर भी सहायक
- के रूप में आवेदक के साथ यात्रा कर कर सकेंगे
- पति/पत्नि के साथ-साथ यात्रा करने पर सहायक की सुविधा नहीं रहेगी.
- सहायक को ले जाने की सुविधा तभी प्राप्त होगी जब आवेदक की उम्र 70 साल से अधिक है तथा उसने अकेले रेल यात्रा हेतु आवेदन किया
- यदि पति-पत्नि दोनो की उम्र 75 साल से अधिक है तथा आवेदन में सहायक दर्ज़ है तो विशेष परिस्थितियो में अनुमति दी जाएगी
- यदि आवेदक विशिष्ट योग्यजन श्रेणी के अन्तर्गत आता है तो आवेदक
- को भी सहायक अनुमत किया जा सकता
ऐसे करेंगे यात्रियों का चयन
यात्रियों का चयन जिला स्तर पर गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रक्रिया पूरी कर किया जाएगा. प्रत्येक तीर्थ जगह की यात्रा के लिए जिलावार कोटा निर्धारित किया जाएगा. आवेदकों की संख्या के साथ उस जिले की जनसंख्या के अनुपात कोअधिभार देते हुए कोटा तय किया जायेगा, निर्धारित कोटे से अधिक संख्या में आवेदन की उपलब्धता पर लॉटरी से चयन किया जायेगा. कोटे के 100 फीसदी अतिरिक्त व्यक्तियों की प्रतीक्षा सूची भी बनायी जाएगी तथा शेष अन्य पात्र आवेदकों की भी 100 फीसदी अतिरिक्त आरक्षित सूची भी तैयार की जाएगी.
आप यहां से कर सकते है आवेदन आप स्वयं ही राजस्थान की देवस्थान विभाग की वेबसाइट से आवेदन कर सकते है. इसके लिए आपको devasthan.rajasthan.gov.in क्लिक करना होगा. आवेदन करने के समय आपका जनआधार नंबर आपके पास होना चाहिए. आप ई मित्र से भी आवेदन कर सकते है.
रेलगाड़ी के जरिए तीर्थ यात्रा के ये 15 रूट बनाए
- हरिद्वार-ऋषिकेष-अयोध्या-वाराणसी-सारनाथ
- सम्मेदशिखर-पावापुरी-वाराणसी-सारनाथ
- मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या
- द्वारकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ
- तिरूपति-पद्मावती
- कामाख्या-गुवाहटी
- गंगासागर-कोलकत्ता
- जगन्नाथपुरी-कोणार्क
- रामेश्वरम-मदुरई
- वैष्णोदेवी-अमृतसर-वाघा बोर्डर
- गोवा के मंदिर एवं अन्य स्थल चर्च आदि
- महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयम्बकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा
- बिहार-शरीफ
- पटना साहिब, पटना, बिहार
- श्री हजूर साहिब नांदेड, महाराष्ट

