Char Dham Yatra 2025 : भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए तैयार किए गए 68 हॉल्टिंग प्वाइंट
चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर इस बार एक बहुत ठोस और व्यवस्थित योजना तैयार कर ली है। बीते सालों में यात्रा मार्गों पर अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था के चलते मिले अनुभवों (Char Dham Yatra 2025) से सबक लेते हुए गवर्नमेंट कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। धामों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एडवांस प्लानिंग के अनुसार हॉल्टिंग प्वाइंट्स, पार्किंग स्थल और यात्रा मार्गों पर सघन जांच प्रबंध लागू की जा रही है। चारधाम मार्गों पर अब यदि भीड़ अत्यधिक बढ़ती है या किसी आपदा जैसी स्थिति बनती है तो श्रद्धालुओं को तयशुदा हॉल्टिंग प्वाइंट्स पर रोक दिया जाएगा।

इन प्वाइंट्स पर होटल, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज और कम्युनिटी सेंटर जैसी सुविधाओं को चिन्हित कर रखा गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त पार्किंग प्रबंध को भी सुदृढ़ कर दिया गया है। चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन (Uttarakhand Crowd Management) की पूरी कमान राजधानी देहरादून स्थित पटेल भवन में स्थापित चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम के हाथों में होगी। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के मुताबिक, कंट्रोल रूम जिलों से समन्वय बनाते हुए स्थिति पर नजर रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेगा।
हर गाड़ी की होगी कठोरता से जांच
चारधाम यात्रा पर जाने वाले हर वाहन की कड़ी चेकिंग की जाएगी। तपोवन, भद्रकाली, कटापत्थर और कुठालगेट सहित कई चेकपोस्ट एक्टिव कर दिए गए हैं। प्रत्येक वाहन के दस्तावेज, टायर की स्थिति और फिटनेस की जांच होगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे घिसे टायर या रिट्रीटेड टायर वाले वाहनों से यात्रा न करें और ड्राइवर चप्पल पहनकर वाहन न चलाएं। पुलिस और आरटीओ की टीमें यात्रा मार्गों पर दिन-रात तैनात रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रह सके।
परिवहन विभाग की विशेष टीम भी तैनात
यात्रा मार्गों की यातायात प्रबंध का शोध और नज़र करने के लिए गवर्नमेंट ने परिवहन विभाग की तीन सदस्यीय टीम भी गठित कर दी है। उप परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा की प्रतिनिधित्व में देहरादून आरटीओ संदीप सैनी और पौड़ी के आरटीओ द्वारका प्रसाद इस टीम में शामिल हैं। टीम ने केदारनाथ रूट से निरीक्षण की आरंभ भी कर दी है।
कहां कितने होल्डिंग प्वाइंट्स?
- देहरादून: 14 होल्डिंग प्वाइंट्स यात्री क्षमता 3.5 हजार+
- हरिद्वार: 8 होल्डिंग प्वाइंट्स, यात्री क्षमता 20 हजार+
- पौड़ी: 3 होल्डिंग प्वाइंट्स, यात्री क्षमता 5 हजार+
- रुद्रप्रयाग: 10 होल्डिंग प्वाइंट्स, यात्री क्षमता 30 हजार करीब
- चमोली: 4 होल्डिंग प्वाइंट्स, यात्री क्षमता 10 हजार+
- टिहरी: 1 होल्डिंग प्वाइंट्स, यात्री क्षमता 200+
- उत्तरकाशी: 18 होल्डिंग प्वाइंट्स, यात्री क्षमता 23 हजार+
7 जिलों में बनाए गए 136 पार्किंग
चारधाम यात्रा मार्ग पर हॉल्टिंग प्वाइंट के साथ ही जिलों में पार्किंग स्थलों की भी पहचान कर ली गई है। देहरादून में 28, हरिद्वार में 17, पौड़ी में 13, रुद्रप्रयाग में 18, चमोली में 31, टिहरी गढ़वाल में 23 और उत्तरकाशी में 4 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है। कुल मिलाकर 136 पार्किंग एरिया तैयार किए गए हैं, जिनमें बड़े और छोटे वाहनों के खड़े होने की प्रबंध की गई है

