कुल्लू-मंडी और उत्तराखंड मे फटा बादल, कई लोग हुए गायब
कुल्लू: राष्ट्र के कई शहरों में बारिश ने तबाही मचाई है. दिल्ली में 31 जुलाई को रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई, तथा आज भी भारी बारिश की संभावना है. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू एवं शिमला जिलों में बादल फटने की घटनाएँ हुई हैं, जिसमें 19 लोग लापता हैं. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भी बादल फटने की घटना हुई है, तथा केरल के वायनाड में भूस्खलन की वजह से मरने वालों की संख्या 256 हो गई है.

कुल्लू और मंडी में बादल फटने से तबाही
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू एवं मंडी जिलों में बादल फटने से भारी हानि हुआ है. कुल्लू के रामपुर क्षेत्र में एक पॉवर प्लांट प्रोजेक्ट के 19 लोग लापता हैं. इसके अतिरिक्त, 20 से अधिक मकान और कई गाड़ियाँ बह गई हैं. एक विद्यालय भी बाढ़ में बह गया. मंडी जिले में भी बादल फटने से एक मृतशरीर बरामद हुआ है और नौ लोग लापता हैं. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए एयरफोर्स और NDRF की सहायता मांगी है.
उत्तराखंड में मूसलधार बारिश और बादल फटने से तबाही
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में मंगलवार से मूसलधार बारिश हो रही है, जिसके चलते बादल फटने की घटनाएँ हुई हैं. घंसाली के जखनियाली में बादल फटने से दो लोगों की मृत्यु हो गई, तथा एक आदमी लापता है. केदारनाथ मार्ग पर भी बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा सैलाब में बह गया है. हरिद्वार, नैनीताल एवं बागेश्वर से भी जल प्रलय की खबरें आई हैं. घंसाली में एक परिवार के 3 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है, जबकि एक साधु लापता है.
कुल्लू में नदी का उफान
कुल्लू में व्यास और पार्वती नदियाँ उफान पर हैं, जिससे किनारे बसे इलाकों में भारी हानि हुआ है. व्यास नदी की उफनती लहरों ने एक निर्माणाधीन इमारत को बहा दिया और कुल्लू-मनाली NH 3 को बाधित कर दिया है.
समग्र स्थिति
इन घटनाओं की वजह से राहत और बचाव कार्यों में चुनौतियाँ आ रही हैं. प्रशासन, एयरफोर्स, और NDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियाँ राहत कार्यों को प्रभावित कर रही हैं.
देश भर में बारिश की इस आपदा से प्रभावित लोगों के लिए राहत की कामना की जाती है और आशा की जाती है कि शीघ्र ही स्थिति में सुधार होगा.

