उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से मची भीषण तबाही
उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से भयंकर तबाही मची है. बादल फटने के बाद से दो लोग लापता हैं. कई जानवर मलबे में दब गए हैं. बादल फटने के बाद तबाही की फोटोज़ सामने आई हैं. क्षेत्र में प्रशासन बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चला रहा है.

बादल फटने के बाद पूरे जिले में भारी बारिश के कारण सड़कें बंद हो गई हैं. चमोली जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कहा कि राहत टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं. सड़कों को खोला जा रहा है.
चमोली जिले में मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है, जिससे एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया है. सड़क को खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं.
चमोली जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कहा कि देवाल के मोपाटा भूस्खलन क्षेत्र में राहत कार्य क्षेत्रीय लोग कर रहे हैं. दूसरी ओर, DDRF टीम और तहसीलदार देवाल की ओर जाने वाली बंद सड़कों को खोलने का कोशिश कर रहे हैं.
नदियों का जलस्तर घातक स्तर तक बढ़ गया है. चमोली पुलिस ने अपील की है कि सभी लोग, जिनके मकान नदी किनारे बने हैं, कृपया तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है.
उत्तराखंड के श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी उफान पर है. क्षेत्र से भयावह फोटोज़ और वीडियो सामने आए हैं.
भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ जिलों में सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को आज के लिए बंद कर दिया गया है.
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और पिथौरागढ़ के डीएम विनोद गोस्वामी ने सुरक्षा के मद्देनजर 29 अगस्त 2025 को अवकाश घोषित किया है.

