उत्तराखण्ड

नैनीताल में गिरिजा माता मंदिर में श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

नैनीताल: देशभर में शारदीय नवरात्रि की धूम है और मंदिरों में देवी के नौ स्वरूपों की आराधना की जा रही है इसी कड़ी में उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर से करीब 14 किलोमीटर दूर कोसी नदी के बीच स्थित गिरिजा माता मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है नदी के बीच टीले पर विराजमान मां गिरिजा का मंदिर हर वर्ष लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र बनता है

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नवरात्रि में लगती है लंबी भीड़

गिरिजा देवी मंदिर के पुजारी दिनेश चंद्र पांडे के मुताबिक नवरात्रि के दिनों में सुबह होते ही भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं मंदिर परिसर जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंज उठता है श्रद्धालु यहां मां के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं

धार्मिक महत्व और मान्यताएं

गिरिजा देवी को माता पार्वती का अवतार और हिमालय पुत्री माना जाता है मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है महाभारत काल में राजा विराट ने इस जगह पर तपस्या की थी और तभी से इस टीले पर शक्ति की स्थापना हुई भक्तों का विश्वास है कि मां की आराधना करने वाला कभी खाली हाथ नहीं लौटता क्षेत्रीय किवदंती के मुताबिक हजारों वर्ष पहले मिट्टी का एक विशाल टीला कोसी नदी के साथ बहकर आया था इसी टीले पर मां गिरिजा प्रकट हुईं और बटुक भैरव देवता ने इसे स्थायी बना दिया तब से गर्जिया माता इसी जगह पर विराजमान हैं

इतिहास और नागा बाबा का योगदान

जानकारों के अनुसार 19वीं सदी तक यह क्षेत्र घना और सुनसान था साल 1950 में नागा साधु श्री 108 महादेव गिरि बाबा यहां पहुंचे और साधना प्रारम्भ की उन्होंने मंदिर में भैरव, गणेश और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की तभी से यह जगह प्रमुख तीर्थ बन गया शारदीय और चैत्र नवरात्रि पर यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं इस बार भी मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, आरती और विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं प्रशासन ने सुरक्षा और दर्शन प्रबंध के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है

 

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