उत्तराखण्ड

क्या कुदरत की मार से टूट गया है देहरादून, लोगों के घर बहे…

उत्तराखंड में इस बार बरसात ने कहर ढाया है देहरादून में बारिश और उफनती नदियों ने कई परिवारों की जीवन बुरी तरह प्रभावित कर दी हैकेवल घर बह गए बल्कि लोगों की मेहनत और जीवनभर की पूंजी भी पानी में समा गई करनपुर में रिस्पना नदी के तेज बहाव ने कई घरों को तहस-नहस कर दिया, जिससे आम लोगों की आंखों में आंसू और चेहरे पर चिंता साफ नजर आ रही है यहां रहने वाली नूरजहां, जिनके पति का 4 वर्ष पहले मृत्यु हो गया था उन्होंने कर्ज लेकर अपने बच्चों के लिए सिर की पक्की छत बनाने की प्रयास की थी लेकिन, उनके घर का बड़ा हिस्सा नदी में बह गया उनकी आंखो में बेघर होने का डर साफ़ देखा जा सकता है

1920 1080 2025 06 29t083535 1751166359

WhatsApp Group Join Now

नूरजहां ने कहा कि 4 वर्ष पहले उनके पति का देहांत हो गया था उनका बेटा छोटी सी प्राइवेट जॉब करता है जिससे परिवार की आजीविका चल पाती है उन्होंने कहा कि उनका पुराना घर 30 वर्ष पुराना था, जिन्हें 3 वर्ष पहले ही उन्होंने अपने जीवनभर की जमा पूंजी जोड़ते हुए कुछ कर्ज लेकर बनाया लेकिन, उनका घर नदी के तेज बहाव के चलते बह गया है उनकी जीवन भर की पूंजी पूरी तरह से बह गई है अपना दर्द बयान करते हुए नूरजहां की आंखें छलक उठती हैं और अपनी आंखो से आंसू पोंछते हुए कहती हैं,”हमने सब कुछ खो दिया है हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है अब हम कहां जाएंगे, कैसे रहेंगे?”

नदी में बह गया घर का सारा सामान
नूरजहां ने कहा कि उन्होंने कुछ पैसे बचाकर अपने घर की मरम्मत करवाई थी उन्होंने सोचा था कि अब बच्चों के सिर पर सुरक्षित छत होगी, लेकिन प्रकृति ने हमारे साथ ऐसा क्रूर मजाक किया है, मेरे बेटी अभी पढ़ाई कर रही है, अपने बच्चों को लेकर मैं जाऊंगी कहां, चिंता मुझे खाए जा रही है उन्होंने कहा कि घर की मरम्मत के साथ ही वह दूसरी मंजिल पर एक कमरा बनाना चाह रही थी जिसके लिए उन्होंने टीन, सरिया और सीमेंट आदि निर्माण सामग्री छत पर रखवाई थी जो बह गई है नूरजहां ने कहा उनका किचन, बाथरूम और दो कमरे बह गए, फ्रीज, राशन और कपड़े सब बह गया उन्होंने पड़ोसी के घर पर बैठकर रात गुजारी है अब वह बच्चों को लेकर कहाँ जाएंगी, इस दुख से उनका मन परेशान है

Back to top button