उत्तराखण्ड

क्या सच में सड़क हादसों के मामले में पहले से बेहतर हुआ है उत्तराखंड…

चारधाम यात्रा प्रारम्भ होने से पहले उत्तराखंड से राहत भरी समाचार सामने आई है साल 2025 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में राज्य में सड़क हादसों और उनसे होने वाली मौतों की संख्या में 8 से 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है यह कमी चारधाम यात्रा जैसे बड़े आयोजन से पहले राज्य गवर्नमेंट और परिवहन विभाग के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है हालांकि बीते सोमवार को देहरादून के सिंहनीवाला में बस और ऑटो की भिड़न्त ने सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं

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उत्तराखंड के सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की तुलना में 2025 में दुर्घटनाओं की संख्या 431 से घटकर 371 और मौतों की संख्या 262 से घटकर 232 हो गई है हालांकि, राहत की इस समाचार के बीच एक चिंताजनक पहलू भी सामने आया है कि घायल होने वालों की संख्या 328 से बढ़कर 394 पहुंच गई है, जो कि सड़क सुरक्षा के मोर्चे पर एक नयी चुनौती की ओर इशारा करती है

चारधाम यात्रा के लिए विशेष तैयारी
परिवहन विभाग ने चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर तैयारियां प्रारम्भ कर दी हैं परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत ने साफ किया है कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी वाहनों की फिटनेस, ड्राइवरों की दक्षता और यातायात नियमों के पालन पर विशेष बल रहेगा सभी जिला ऑफिसरों को कठोर निर्देश दिए गए हैं कि वे ओवर स्पीडिंग, ओवर लोडिंग और प्रदूषण जांच जैसी गतिविधियों की सतत नज़र करें

जिलों में हादसों का हाल

  • देहरादून में इस वर्ष (जनवरी से मार्च तक) 45 मौतें हुईं, जो 2024 में 64 और 2023 में 46 थीं
  • वहीं, हरिद्वार में 2025 में 59 मौतें दर्ज की गईं, जबकि पिछले दो सालों में ये संख्या 64 और 65 थी
  • नैनीताल में इस वर्ष 37, 2024 में 34 और 2023 में 21 लोगों की जान गई
  • उधम सिंह नगर (यूएसनगर) में 2025 की पहली तिमाही तक 68 मौतें दर्ज हुईं
  • इसके अलावा, तीन महीनों में 2348 ड्रिंक-एंड-ड्राइव लान किए गए, जिनमें से 1319 चालान केवल देहरादून में हुए
  • यह आंकड़ा राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और तेज़ जांच कार्रवाई दोनों का संकेत देता है

तेजी से बढ़ रहे है ड्रिंक-एंड-ड्राइव के मामले
सड़क हादसों में कमी जरूर शाँति देती है, लेकिन बढ़ती घायलों की संख्या और ड्रिंक-एंड-ड्राइव जैसे मामलों में तेजी, यह बताती है कि अभी भी जागरूकता और कठोरता की काफी आवश्यकता है चारधाम यात्रा की भीड़ से पहले यह ट्रेंड उत्साहवर्धक है, मगर आगे भी लगातार नज़र ही यात्रियों की सुरक्षा का आधार बनेगा इस वर्ष देहरादून के राजपुर रोड पर कार ने श्रमिकों को मृत्यु के घाट उतार दिया था वहीं लच्छीवाला टोल प्लाजा पर ट्रक ने कार को भिड़न्त मारी बीते सोमवार को सिंहनीवाला में बस और ऑटो रिक्शे की भिड़न्त हुई, जिसमें एक मासूम समेत दो लोगों की मृत्यु हो गई

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