अब यातायात के नियमों को तार-तार करने वालों पर नजर रखेंगे ANPR कैमरे
उत्तराखंड में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरा लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में हल्द्वानी और उसके आसपास के क्षत्रों में चार स्थान कैमरे लगाए जाएंगे। एएनपीआर कैमरे की विशेषता होती है कि इस कैमरे से वाहन चालक का चालान कट जाता है और उसकी सूचना टेलीफोन पर आ जाती है। शहर और आसपास यातायात प्रबंध को और भी चौकस बनाने के लिए एएनपीआर कैमरा लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे रामपुर रोड पर बेलबाबा मंदिर के पास, बरेली रोड पर हल्दूचौड़ पुलिस चौकी में, कालाढूंगी रोड पर लामाचौड़, फॉरेस्ट चौकी के अतिरिक्त नयागांव में लगाए जाएंगे। रामनगर में आमडंडा में भी एएनपीआर कैमरा लगेगा।

खराब मौसम में भी काम करेगा कैमरा
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ये कैमरे कम रोशनी या खराब मौसम में भी वाहन की नंबर प्लेट की पहचान कर सकते हैं। वाहन की फोटो खींच सकते हैं। कैमरों का सॉफ्टवेयर, लाइसेंस प्लेट पर लिखे नंबर की पहचान करता है। यदि वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहा है तो कैमरे के अंदर उपस्थित सॉफ्टवेयर इसकी पहचान करके उसका चालान कर देता है।
कैमरा लगाने की स्थान हुई चिन्हित
संभागीय परिवहन कार्यालय के आरटीओ प्रवर्तन गुरुदेव सिंह ने कहा कि कैमरा लगाने के लिए स्थान चिन्हित हो गईं हैं और साथ ही स्थान के लिए स्वीकृति भी मिल गई है। परिवहन विभाग ऊर्जा निगम कार्यालय को एएनपीआर कैमरा में बिजली संयोजन करने के लिए आवेदन कर रहा है, इसके बाद काम प्रारम्भ हो जाएगा।
अभी मैदानी जिलों में लगाए जा रहे कैमरे
एएनपीआर कैमरा लगाए जाने के लिए उत्तराखंड में अभी मैदानी जिलों को चिन्हित किया गया है। देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में कैमरा लगाए जा रहे हैं। संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह के मुताबिक उत्तराखंड के इन चार जिलों में 21 जगहों पर एएनपीआर कैमरा लगेंगे।
क्या होता है एएनपीआर कैमरा
स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे ऐसे कैमरे हैं जो असली समय में वाहनों की नंबर प्लेटों को पढ़ते हैं और उन्हें डिजिटल बनाते हैं। ये सभी शामिल कैमरे पूरी पहचान/रिकॉर्डिंग/प्रक्रिया/संचार प्रक्रिया को बिना सर्वर या ट्रिगर के स्वयं ही कर सकते हैं। ये भारी वीडियो/छवियों के बजाय कॉम्पैक्ट डिजिटल डेटा भेज सकते हैं।

