Public Opinion : रुक गया POS मशीनों का विरोध, गल्ला विक्रेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की कुछ प्रमुख मांगें हैं, जिन्हें गवर्नमेंट अभी तक पूरा नहीं कर पाई है। विक्रेताओं का बोलना है कि उन्हें 13 महीने का कमीशन अभी तक नहीं मिला है और वेतन भी हर महीने मिलना चाहिए। यदि गवर्नमेंट उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो 1 मई से ‘पॉइंट ऑफ़ सेल’ (POS) मशीनें नहीं लगाई जाएंगी और वे राशन भी नहीं बाटेंगे।

पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला के प्रदेश संयोजक अभय साह ने कहा कि उनकी सबसे प्रमुख मांग है कि विक्रेताओं को मानदेय दिया जाए। उनका बोलना है कि गवर्नमेंट केवल आदेश जारी करती है, लेकिन विक्रेताओं को बेरोजगार करना चाहती है। यदि गवर्नमेंट मानदेय देना प्रारम्भ कर देती है, तो वे खुशी-खुशी काम करेंगे। उन्होंने बोला कि कोविड-19 काल में विक्रेताओं ने लाखों लोगों को राशन बांटा, लेकिन 7 महीने का कमीशन अभी तक नहीं मिला है। यदि गवर्नमेंट उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो इस बार का आंदोलन सबसे बड़ा होगा।
13 महीने का पैसा है बाकी
पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला के जिलाध्यक्ष संजय साह रिक्खू ने कहा कि वे मशीन लगाने का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि 13 महीने का बकाया पैसा और हर महीने मानदेय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बोला कि हर वर्ष बोला जाता है कि कमीशन का पैसा दे दिया गया है, लेकिन किसी के खाते में ₹1 तक नहीं आया है। अल्मोड़ा में 100 से अधिक विक्रेताओं की बैठक हुई है और यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो POS मशीनें नहीं लगाई जाएंगी। पिथौरागढ़ में भी जल्द ही बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मानदेय और कमीशन को लेकर है आंदोलन
विक्रेता राजेंद्र ने कहा कि उनका आंदोलन मानदेय और कमीशन को लेकर है। यदि कमीशन का भुगतान नहीं होगा, तो वे आंदोलन करेंगे और उसके बाद ही मशीन लगाने पर विचार करेंगे। इंदर सिंह डसीला ने बोला कि उनका मानदेय और कमीशन दिया जाना चाहिए और इसी मांग को लेकर वे लड़ाई लड़ रहे हैं। यदि गवर्नमेंट इन मांगों को पूरा नहीं करती है, तो 1 मई से POS मशीनें नहीं लगाई जाएंगी और राशन भी नहीं बांटा जाएगा।

