उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में आज फिर बारिश का रेड अलर्ट किया गया जारी

 

Weather Updates: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने के बाद खीर गंगा नदी में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के मंजर ने 2013 की केदारनाथ आपदा की भयावह यादें फिर से ताजा कर दीं. उत्तराखंड के धराली में बादल फटने के बाद आई तबाही ने सबकुछ लील लिया. उत्तराखंड में आज के लिए भी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. अगले कुछ घंटे भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने अन्य राज्यों में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है.

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उत्तराखंड में कुछ दिनों से बारिश होने का सिलसिला जारी है. बारिश के कारण खासकर पहाड़ों वाले इलाकों हालात खराब है. मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट के जरिए लोगों को सावधान किया है. बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड में बारिश अपना रौद्र रूप दिखा रही है. मौसम विभाग ने आज गुरुवार, 7 अगस्त के लिए एक बार फिर बड़ी चेतावनी जारी की है.

केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित : केदारनाथ यात्रा मंगलवार से अस्थायी रूप से स्थगित है. इस बीच जिला आपदा प्रबंधन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा को रोका गया है. केदारनाथ में उपस्थित यात्रियों और क्षेत्रीय लोगों को अगले 2 दिन तक पैदल मार्ग पर आवाजाही न करने की हिदायत दी गई है, वहीं चमोली जिले में बीते दिन फूलों की घाटी में भी एहतियातन बंद रही.

बद्रीनाथ का रास्ता खोला : चमोली में ज्योर्तिमठ से 1 किलोमीटर पहले जोगी धारा के पास चट्टान से भारी बोल्डर टूटकर हाईवे पर गिर गया जिससे बद्रीनाथ हाईवे बाधित हो गया. बोल्डर आने से हाईवे के दोनों और तीर्थ यात्री और क्षेत्रीय लोग फंस गए थे. लगभग 20 घंटे के बाद रास्ता खुलने पर वाहनों की आवाजाही कराई गई और यात्रा पड़ावों पर रोके गए तीर्थ यात्राओं को रवाना किया गया. उधर उत्तरकाशी के धराली में जीवन में बचाने के लिए जंग जारी है.

आकाशीय बिजली गिरने से 1,626 लोगों की मृत्यु : सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को कहा कि इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के दौरान बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से 1,626 लोगों की मृत्यु हो गई. इस अवधि के दौरान जल-मौसम संबंधी आपदाओं के कारण 52,367 पशुओं की भी जान चली गई और 1,57,817.6 हैक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ.

हिमाचल प्रदेश में बारिश से 2 लोगों की मौत, 1196 को बचाया : शिमला से मिले समाचारों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भारी बारिश के कारण मार्ग क्षतिग्रस्त होने से किन्नौर कैलाश यात्रा पर गए 2 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई. इस घटना के बाद यात्रा स्थगित कर दी गई है. ऑफिसरों ने बुधवार को यह जानकारी दी. उधर हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण मार्ग क्षतिग्रस्त होने से किन्नौर कैलाश यात्रा को स्थगित कर दिया गया और 413 फंसे हुए श्रद्धालुओं को बचाया गया है. ऑफिसरों ने बुधवार को यह जानकारी दी. ऑफिसरों ने कहा कि नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण तंगलिप्पी और कांगरंग में 2 अस्थायी पुल बह जाने के बाद श्रद्धालु फंस गए थे.

अधिकारियों ने कहा कि नदियों में तेज बहाव के कारण तंगलिप्पी और कंगारंग में 2 अस्थायी पुल बह गए थे और यात्रा स्थगित होने के बाद फंसे कुल 1,196 श्रद्धालुओं को मंगलवार से पुलिस, हिंदुस्तान तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दलों द्वारा बचाया गया.

किन्नौर जिले के उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने बुधवार को कहा कि इनमें से लगभग 230 लोगों को बिना किसी व्यवधान के पुरवानी के रास्ते वैकल्पिक मुश्किल मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया जबकि बाकी लोगों को नदियों के ऊपर ‘जिपलाइन’ (रस्सियों) के माध्यम से बचाया गया. ऑफिसरों ने कहा कि मंगलवार को 413 श्रद्धालुओं को बचाया गया जबकि बुधवार को 783 श्रद्धालुओं को बचाया गया.

एक अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल से आए 1 तीर्थयात्री राजीव (45) का मृतशरीर मंगलवार शाम पार्वती कुंड के पास मिला. वह एक समूह के साथ था, लेकिन पीछे छूट गया था और तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीम को मिला. उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का कारण साफ होगा. जिला उपायुक्त के अनुसार 1 अन्य आदमी वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करते समय एक चट्टान से फिसलकर खाई में गिर गया था. उन्होंने कहा कि मौके पर उपस्थित एनडीआरएफ की टीम ने मृतशरीर को देखा है और उसे खाई से बाहर निकालने की प्रयास कर रही है.

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने ‘एक्स’ पर बचाव कार्यों के वीडियो साझा किए जिनमें श्रद्धालु नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक जिपलाइन के जरिए जाते देखे जा सकते हैं. किन्नौर जिला प्रशासन को पैदल मार्ग पर फंसे तीर्थयात्रियों के बारे में एक आपात सूचना मिली. ऑफिसरों ने कहा कि इसकी प्रतिक्रिया में आईटीबीपी और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बचाव अभियान प्रारम्भ किया.

किन्नौर जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर बारिश के कारण हुए भारी हानि के बाद किन्नौर कैलाश यात्रा स्थगित कर दी है. ऑफिसरों ने कहा कि अधिकतर पैदल मार्ग या तो घातक रूप से फिसलन भरे हो गए हैं या भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है.

आधिकारिक आदेश में बोला गया है कि इन प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए, किन्नौर कैलाश यात्रा को अगली सूचना तक अस्थायी रूप से स्थगित किया जा रहा है. वर्तमान में मार्ग पर उपस्थित तीर्थयात्रियों को मिलिंग खाटा और गुफा में सुरक्षित रूप से ठहराया गया है और उनकी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी व्यवस्था किए गए हैं.

किन्नौर कैलाश 19,850 फुट की ऊंचाई पर स्थित है और इसे भगवान शिव का शीतकालीन निवास माना जाता है. किन्नौर कैलाश यात्रा 15 जुलाई को प्रारम्भ हुई थी और 30 अगस्त को इसका समाप्ति होगा. भारी बारिश के कारण राज्य के अन्य भागों में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिसके कारण चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 537 सड़कें और शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिये गए हैं.

इस बीच पौंग बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने जलाशय के स्तर को नियंत्रित करने के लिए बुधवार शाम (5 बजे) टर्बाइनों और स्पिलवेज के माध्यम से 23,300 क्यूसेक पानी छोड़ा, जो दिन में पहले 1372.03 फीट तक पहुंच गया था. बीबीएमबी ऑफिसरों ने कांगड़ा के उपायुक्त, फतेहपुर, जवाली, इंदौरा, देहरा, नूरपुर के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) और अन्य संबंधित ऑफिसरों को 24 घंटे पहले औपचारिक रूप से सावधान कर दिया था. छोड़े गए पानी के पंजाब के फतेहपुर, इंदौरा, रियाली, मांड और होशियारपुर के कुछ हिस्सों से होकर बहने की आशा है, जहां पहले भी बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है.

फतेहपुर के एसडीएम विश्रुत भारती ने कहा कि संवेदनशील इलाकों को सूचित कर दिया गया है और प्रशासन पूरी तरह तैयार है. निवासियों, खासकर निचले इलाकों में रहने वालों से सावधान रहने, नदी के किनारे जाने से बचने और सुरक्षा संबंधी राय का पालन करने का आग्रह किया गया है. उन्होंने बोला कि पंचायत ऑफिसरों को भी निर्देश दिया गया है कि वे सूचना प्रसारित करने में सहायता करें तथा जरूरत पड़ने पर राहत प्रयासों में योगदान करें.

पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश : चंडीगढ़ से मिले समाचारों के मुताबिक पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में बारिश होने से तापमान में कुछ गिरावट आई. मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी. मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब के गुरुदासपुर में बुधवार सुबह 8.30 बजे तक 24 घंटे की अवधि में 71.5 मिलीमीटर बारिश हुई. होशियारपुर, लुधियाना, मोहाली, पठानकोट, रूपनगर, फरीदकोट और पटियाला में भी इस दौरान बारिश हुई.

मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मोहाली में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में 15.8 मिलीमीटर बारिश हुई और केंद्रशासित प्रदेश में न्यूनतम तापमान 23.7 मिलीमीटर दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है.

हरियाणा में अंबाला, नारनौल, पंचकूला, कैथल और फरीदाबाद में बारिश हुई. हिसार में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अंबाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंचकूला जिला प्रशासन ने परामर्श जारी कर लोगों से नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने का आग्रह किया है. परामर्श में बोला गया है कि रातभर हुई भारी बारिश के कारण घग्गर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है.

इसमें बोला गया कि कृपया नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. किसी भी नदी या नाले के किनारे या उस पर बने पुल पर खड़े होकर पानी को देखने से बचें, यह घातक हो सकता है.

पश्चिम बंगाल में बारिश का दौर जारी रहेगा, आईएमडी का अलर्ट : कोलकाता से मिले समाचारों के मुताबिक हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है. आईएमडी ने राज्य में एक्टिव मानसून के निम्न दाब क्षेत्र और उत्तरी बांग्लादेश के ऊपर बने उच्च स्तर के चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह आसार जताई है.

आईएमडी के मुताबिक दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जैसे उपहिमालयी जिलों में 12 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है. दक्षिणी पश्चिम बंगाल में उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा नदिया समेत कई जिलों में भी 8 अगस्त तक भारी बारिश होने की आसार जताई गई है.

मौसम विभाग ने कहा कि जलपाईगुड़ी जिले के गैरकाटा टी एस्टेट में पिछले 24 घंटों में सुबह 8.30 बजे तक राज्य में सर्वाधिक 120 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. अन्य स्थानों में भी अच्छी बारिश हुई जिनमें बक्साद्वार और डालगांव टी एस्टेट (80 मिमी), पश्चिम मेदिनीपुर जिले का मोहनपुर (70 मिमी) और दक्षिण 24 परगना जिले का डायमंड हार्बर (60 मिमी) शामिल हैं. कोलकाता में इस अवधि में 28 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई.

मानसून ट्रफ हिमालय की तराई के पास से गुजर रही : मानसून ट्रफ अमृतसर, चंडीगढ़, देहरादून, गोरखपुर से होते हुए अरुणाचल प्रदेश तक हिमालय की तराई के पास से गुजर रही है. एक चक्रवाती परिसंचरण मध्य बांग्लादेश पर 5.8 किमी ऊंचाई तक बना हुआ है. एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तथा उत्तर तमिलनाडु तट के पास 3.1 किमी ऊंचाई तक बना हुआ है.

एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तर केरल पर और एक अन्य रायलसीमा पर स्थित है. एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ लगभग 12 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर, उत्तर केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तर आंतरिक तमिलनाडु से होकर गुजर रही है. पश्चिमी विक्षोभ पंजाब पर 5.8 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक्टिव है. एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तराखंड और उससे सटे हिमाचल प्रदेश पर है. एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तर बिहार पर स्थित है.

पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में हुई मौसमी हलचल : पिछले 24 घंटे के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर-पश्चिम उत्तरप्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई. तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, मराठवाड़ा, दक्षिण छत्तीसगढ़, पूर्वी असम, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा के उत्तरी तटीय हिस्सों में मामूली से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई. पूर्वोत्तर भारत, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, कोंकण और गोवा, मध्यम महाराष्ट्र, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप, सिक्किम और जम्मू और कश्मीर में मामूली से मध्यम बारिश हुई. पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात, तटीय तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश में मामूली बारिश हुई.

आज गुरुवार के मौसम की संभावित गतिविधि : स्काईमेट वेदर (skymetweather) के मुताबिक आज गुरुवार, 7 अगस्त को उत्तराखंड, हिमाचलप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और कर्नाटक में मामूली से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है.

पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से, कर्नाटक, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा, रायलसीमा, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप में मामूली से मध्यम बारिश की आसार है. पूर्वी राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश, लद्दाख और तटीय आंध्रप्रदेश में मामूली बारिश संभव है

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