उत्तराखण्ड

केदारनाथ धाम में आपदा के बाद लगातार चौथे दिन भी जारी है राहत-बचाव कार्य

देहरादून. केदारनाथ धाम में आपदा के बाद लगातार चौथे दिन राहत-बचाव कार्य जारी है. एनडीआरएफ, वायु सेना और क्षेत्रीय पुलिस फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकालने में जुटे हैं. इस बीच उत्तराखंड की बीजेपी गवर्नमेंट ने अहम निर्णय लिया है. यहां प्रदेश गवर्नमेंट के पांच मंत्री राहत कार्यों पर नजर रखेंगे.

Download 2024 08 04t202350. 929

WhatsApp Group Join Now

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल ने बोला कि उत्तराखंड में इस समय आपदा आई हुई है. हमारे सीएम पुष्कर सिंह धामी, मंत्री और सभी विधायक इन सब पर नजर बनाए हुए हैं. हम आपदा प्रभावित क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं. केदारनाथ में पांच मंत्रियों की ड्यूटी लगाई जाएगी.

उन्होंने आगे बोला कि गवर्नमेंट की पहली अहमियत आपदा से निपटना है. इसके बाद हम उप चुनाव के लिए चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे.

गौरतलब है कि उत्तराखंड में विशाल आपदा आई हुई है. केदारनाथ धाम में बादल फटने से हजारों यात्री फंस गए. रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 9 हजार तीर्थयात्रियों को बचाया जा चुका है, जबकि अभी भी केदारनाथ, गौरीकुंड और सोनप्रयाग के क्षेत्र में एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं के फंसे होने की संभावना जताई जा रही है. वायु सेना की सहायता से फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है.

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल ने आनें वाले उप चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिकिया दी. उन्होंने बोला कि ”भाजपा विधायक शैलारानी रावत का मृत्यु हो गया है, जिसके कारण केदारनाथ की विधानसभा सीट रिक्त हो गई है. 6 महीने के भीतर चुनाव कराए जाएंगे. लोकतंत्र की प्रक्रिया के मुताबिक हमें उसमें सहभागिता करनी है.

उन्होंने बोला कि बीजेपी के नेतृत्व में पुष्कर सिंह धामी की गवर्नमेंट लगातार अच्छा काम कर रही है. पीएम मोदी का उत्तराखंड के प्रति असीम प्रेम और स्नेह है. मैं कह सकता हूं कि केदारनाथ में आनें वाले उप चुनाव के चलते हमारे सामने कोई चुनौती नहीं है.

कांग्रेस चाहे कितनी भी नौटंकी और परपंच कर ले कोई भी प्रोपगांडा फैला ले उससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है. लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी को जनता का आशीर्वाद मिला है. गवर्नमेंट की पहली अहमियत आपदा से निपटना है. इसके बाद हम उप चुनाव के लिए चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे.

बता दें कि बीजेपी विधायक शैलारानी रावत का मृत्यु बीते 9 जुलाई को हो गया था. इसकी वजह से रिक्त सीट पर उपचुनाव होना है. कहा जा रहा है कि अक्टूबर के अंत में निर्वाचन आयोग केदारनाथ में उप चुनाव करा सकता है.

 

Back to top button