Rishikesh: बारिश के कारण मैदानी इलाकों में बढ़ा गंगा का जलस्तर
ऋषिकेश न्यूज डेस्क..पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण मैदानी इलाकों में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. हालांकि, हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर अभी भी सामान्य है. लगातार हो रही बारिश के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय प्रशासन गंगा घाटों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट कर रहा है. प्रशासन गंगा घाट और गंगा तटों पर लाउड स्पीकर से घोषणा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की चेतावनी दे रहा है.

ऋषिकेश में नगर निगम क्षेत्र के भीतर त्रिवेणीघाट, मायाकुंड, चंद्रेश्वर नगर, पशुलोक बैराज, शीशमजादी, पूर्णानंद, चंद्रभागा नगर पालिका मुनिकीरेती ढालवाला क्षेत्र के भीतर शत्रुघ्न घाट, किरमोला घाट, नावघाट, साधु समाज घाट, वानप्रस्थ, गीता भवन, पंचराचन मंदिर के भीतर गीता भवन. क्षेत्रीय प्रशासन निकेतन, वेद निकेतन, लक्ष्मणझूला के अतिरिक्त श्यामपुर, रायवाला आदि स्थानों पर लगातार विज्ञापन कर रहा है. प्रशासन पर्यटकों को गंगा घाटों और समुद्र तटों पर न जाने की चेतावनी दे रहा है.
गुरुवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा 339.50 मीटर से नीचे 337.60 मीटर पर बह रहा था. जो चेतावनी रेखा से 1.90 मीटर नीचे है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक गंगा का जलस्तर 337.97 मीटर था. शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 337.60 मीटर तक पहुंच गया, जिसके बाद शाम को इसमें 37 सेमी की गिरावट आयी.
एसडीएम कुमकुम जोशी ने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यह घोषणा की गई है. लोगों को गंगा किनारे न जाने की राय दी गई है. मेट्रोपोलिटन पुलिस को भी सावधान रहने को बोला गया है.
यमुना घातक ढंग से निशान के करीब बह रही है
गुरुवार सुबह डाकपत्थर में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के बहुत करीब पहुंच गया. हालांकि, शाम को जलस्तर में कमी आयी. शाम होते-होते यमुना खतरे के निशान से 55 सेमी नीचे बहने लगी.
डाकपत्थर में यमुना का जलस्तर खतरे का निशान 455.37 मीटर है. सुबह आठ बजे यमुना का जलस्तर 455.34 मीटर दर्ज किया गया. थोड़ी कमी के बाद शाम चार बजे जलस्तर 454.82 मीटर पर पहुंच गया. वहीं इचाड़ी में सुबह आठ बजे जलस्तर 642.35 मीटर था. शाम चार बजे जलस्तर 643.00 मीटर पर पहुंच गया. नायब तहसीलदार ग्यारूदत्त जोशी ने कहा कि यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. उन्होंने बोला कि तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान किया जा रहा है. बचाव एवं राहत कार्यों के पूरे व्यवस्था किये गये हैं.

