उत्तराखण्ड

असुविधाओं से बचने के लिए हर खंभे पर लगाया जाएगा क्यूआर कोड

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के जिलाधिकारी ने एक पहल की है इसके अनुसार अब उन लोगों को राहत मिल पाएगी जो अपनी कॉलोनी की खराब स्ट्रीट लाइट की कम्पलेन करना चाहते हैं और दफ्तरों के चक्कर काटकर थक गए हैं क्योंकि अब हर खम्भे पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा जिलाधिकारी सविन बंसल ने जानकारी देते हुए बोला है कि जितना बैकलॉग था उस पर काम किया जा रहा है मेजर ब्लॉक कॉलोनी ग्रुप की शिकायतों को ठीक किया जा चुका है

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टीम कर रही है काम
कहीं-कहीं ऑफ और ऑन लाइट्स खराब होती हैं तो उन्हें रिपेयर भी किया जाता है इसके लिए टीम पहले से काम कर रही हैकंट्रोल रूम नंबर भी दिए गए हैं अब यह काम और आसान हो जाएगा क्योंकि सभी वार्डों में प्रत्येक खंभे पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा इस पर सीधे स्कैन करके शिकायतकर्ता कम्पलेन कर सकता है उन्होंने बोला कि 100 वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्थाएं हैं, जहां के लगभग 1 लाख बिजली के खम्भों में स्कैनर लगाए जाएंगे

कैसे कर सकेंगे स्कैनर से कम्पलेन दर्ज?
खम्भों पर लगाये गए क्यूआर कोड स्कैनर को गूगल स्कैनर पर स्कैन करते ही लिंक दिखाई देगा जिससे आप नगर निगम की साइट पर पहुंच जाएंगे इसमें आपको अपने मोबाइल टेलीफोन से कम्पलेन दर्ज करनी होगी इसके लिए पहले लोकेशन और उसके बाद कैमरे का ऑप्शन आएगा इसके बाद आप जिस भी लोकेशन पर खड़े हो, वहां की ऑन स्पॉट तस्वीर खींचकर अपलोड करके कम्पलेन दर्ज कर सकते हैं

प्रशासन ही नहीं आम जन भी बनें जिम्मेदार
देहरादून के समाजसेवी यशवीर आर्य ने बोला कि देहरादून के तमाम वार्डों में पथ प्रकाश की प्रबंध के लिए 18 वॉट से लेकर 110 वॉट तक की करीब 10,4000 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं इनमें लगभग 45,000 स्ट्रीट लाइटों को ऑन-ऑफ करने के लिए स्विच लगाए गए हैं निगम द्वारा ये लाइट्स लगा तो दी गई है लेकिन इनको बंद करने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय लोगों के ऊपर ही छोड़ दी गई है यही वजह है कि बहुत से मोहल्लों में दिन में भी ये लाइटें ऑन रहती हैं

ध्यान से करें काम
देहरादून शहर से दूर वाले इलाकों में जैसे मेंहुवाला, मोथरोवाला, बंजारावाला और रायपुर इलाकों की कॉलोनियों में दिन में भी खम्भों पर लाइट्स जलती नजर आती हैं ऐसे में क्षेत्रीय लोगों को भी सोचना चाहिए कि नगर निगम ने लाइट लगा दी है तो उन्हें खोलने और बंद करने की जिम्मेदारी वह स्वयं भी समझें ताकि बिजली अधिक खर्च न हो और लाइट भी अधिक समय तक चले

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