उत्तराखण्ड

Uttarakhand: मानसून के बाद ही होंगे नगर निकायों के चुनाव

प्रदेश में नगर निकायों के चुनाव मानसून के बाद ही होंगे. गवर्नमेंट इसी तैयारी में जुट गई है. इसके लिए इसी महीने उच्च न्यायालय में निकाय चुनावों की टाइमलाइन भी देनी है. मानसून अवधि में आरक्षण संबंधी सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे.

Download 2024 07 17t114307. 606

WhatsApp Group Join Now

प्रदेश में 99 नगर निकायों में चुनाव होने हैं. करीब सात माह से इन निकायों में प्रशासक तैनात हैं. उच्च न्यायालय में चुनाव में देरी को लेकर मुद्दा चल रहा है. अब उच्च न्यायालय में गवर्नमेंट को नगर निकाय चुनावों की टाइम लाइन जमा करानी है. जानकारी के मुताबिक, वैसे प्रदेश में मानसून सीजन में कई स्थान हानि हो रहा है. रास्ते बंद हो रहे हैं. इसलिए गवर्नमेंट मानसून के बाद ही निकाय चुनाव कराना चाहती है.

राज्य निर्वाचन आयोग कराएगा चुनाव

सरकार का मकसद है कि अधिक से अधिक संख्या में लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें. लिहाजा, तय किया गया है कि 15 सितंबर के बाद ही नगर निकाय के चुनाव कराए जाएं. इससे जुड़ी टाइमलाइन भी गवर्नमेंट उच्च न्यायालय में जमा कराने जा रही है. दूसरी ओर निकायों में आरक्षण लागू करने के लिए एक्ट में परिवर्तन हो चुका है.

नियमावली भी तैयार है, जो जल्द लागू कर दी जाएगी. इसके हिसाब से सभी जिलाधिकारियों के स्तर से आरक्षण लागू करने की अधिसूचना जारी करते हुए सुझाव मांगे जाएंगे. सुझावों के बाद आखिरी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. इसके बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराएगा. विभागीय ऑफिसरों का बोलना है कि यह पूरी प्रक्रिया मानसून सीजन में ही पूरे कर लिए जाएंगे. ताकि 15 सितंबर से अक्तूबर तक चुनाव संपन्न कराए जा सकें.

इन निकायों में नहीं होते चुनाव

राज्य के तीन निकाय ऐसे हैं, जहां हिमाच्छादित क्षेत्र होने की वजह से चुनाव ही नहीं होते. चमोली जिले में नगर पंचायत बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग जिले में नगर पंचायत केदारनाथ और उत्तरकाशी जिले में नगर पंचायत गंगोत्री में इस बार भी चुनाव नहीं होंगे. ये अलग बात है कि इन तीनों धामों में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं. ये तीनों निकाय प्रशासनिक प्रबंध के अनुसार संचालित होते हैं.

 

Back to top button