Mussoorie: एलबीएस एकेडमी पहुंचे उपराष्ट्रपति, कहा…

उपराष्ट्रपति ने बोला कि युवा अधिकारी समानुभूति की भावना के साथ काम करें. आप में से प्रत्येक अधिकारी उत्कृष्टता, सत्यनिष्ठा और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है. मैं आप में अपनी दृष्टि और संकल्पना में हिंदुस्तान को परिभाषित करने की क्षमता देखता हूं और मुझ पर विश्वास करें कि आप 2047 तक विकसित हिंदुस्तान बनाने के लिए सक्षम हैं. बोला कि आप सभी हिंदुस्तान की बढ़ती इस विकास यात्रा को बनाए रखेंगे और इसमें सहयोग देंगे.
उपराष्ट्रपति को याद आया बचपन
समारोह में उपराष्ट्रपति को अपना बचपन भी याद आया. उन्होंने बोला कि उन्होंने और उनकी पीढ़ी ने ऐसा हिंदुस्तान देखा है, जहां गांव में रोशनी नहीं थी, सड़क संपर्क नहीं था. बोला कि पानी, नल, घर में शौचालय के बारे में सोच भी नहीं सकते थे. कभी घर में गैस कनेक्शन की कल्पना नहीं की जा सकती थी. उस समय गांव में कोई विद्यालय नहीं होता था या अधिक से अधिक एक प्राइमरी विद्यालय होने पर ही संतुष्ट हुआ जा सकता था. बोला कि आज देखें कि हम कहां हैं.
देश ने तकनीक में की तरक्की
कहा कि राष्ट्र ने डिजिटल और तकनीक के क्षेत्र में बहुत बढ़िया तरक्की की है. मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ डिजिटल कनेक्टिविटी से राष्ट्र को बहुत लाभ हुआ है. राष्ट्र के हर हिस्से में इंटरनेट की पहुंचा है और हमारी प्रति आदमी इंटरनेट खपत संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन की तुलना में अधिक है.

