Ancient Humans: वैज्ञानिकों के उड़े होश! चीनी गुफा से मिले 3 लाख साल पुराने दांत…
3 Lakh Year old Tooths: जर्नल ऑफ ह्यूमन इवोल्यूशन नाम की एक रिसर्च में वैज्ञानिकों ने हुआलोंगडोंग गुफा में 21 पुराने दांतों की खोज की है। इन दांतों की उम्र लगभग 3 लाख वर्ष बताई जा रही है। इनमें पुराने और नए दोनों तरह के इंसानों की खूबियां मिली हैं जो बताती है कि, ये या तो किसी अज्ञात मानव प्रजाती के हैं या फिर पुराने समय में भिन्न-भिन्न मानव प्रजातियों ने आपस में प्रजनन किया था। पहली बार 2006 में इस गुफा में खुदाई हुई थी और तब यहां 16 जीवाश्म मिले थे। हालांकि वैज्ञानिक पहले केवल खोपड़ी और हड्डियों पर ध्यान दे रहे थे लकिन अब उन्होंने दांतों का विश्लेषण किया है।

दांतों से क्या सबूत मिले?
खोज से पता चला कि, जो चीज इन हुआलोंगडोंग के दांतों को खास बनाती वो है उनकी बनावट। एक तरफ सबसे अंतिम दाढ़ बहुत छोटी है जो आज के इंसानों में आम बात है। यह परिवर्तन अक्सर खाने की आदतों और जबड़े के आकार में कमी की वजह से होता है। वहीं, इन दाढ़ों की जड़ें बहुत मोटी और मजबूत हैं जो होमो इरेक्टस के दांतों जैसी हैं। Homo Erectus 17 लाख वर्ष पहले एशिया में रहते थे।
खोपड़ियों से क्या पता चलता है?
हुआलोंगडोंग के जीवाश्मों में केवल दांत ही उलझाने वाले नहीं थे। जांच से पता चलता है कि, यहां मिले इंसानों के चेहरे की बनावट आधुनिक इंसानों जैसी थी, मतलब उनका चेहरा सपाट और जबड़े छोटे थे। लेकिन उनके हाथ-पैर और शरीर का ढांचा बहुत पुरानी प्रजातियों जैसा था। इसका मतलब, इनका चेहरा आधुनिक लेकिन शरीर प्राचीन था और उनके दांत भी इसी बात का सबूत दे रहे हैं।
वैज्ञानिकों का क्या मानना है?
इसे लेकर वैज्ञानिकों ने 3 बातें कही हैं-
1. इंसानी विकास की नयी शाखा:
ऐसा संभव है कि ये लोग किसी नयी प्रजाति के हों जिनके बारे में अभी तक नहीं पता था। ये लोग आधुनिक इंसानों से जुड़े हुए थे और पूर्वी-एशिया में अलग-थलग होकर विकसित हुए। ये प्रजाति होमो सेपियन्स, निएंडरथल या डेनिसोवन से अलग थी।
2- दो प्रजातियों के बीच प्रजनन:
एक और आसार ये भी है कि यह सब पुराने होमो इरेक्टस और नए इंसानों के बीच प्रजनन का नतीजा हो।
3- माहौल का असर:
तीसरी धारणा कहती है कि, शायद उस क्षेत्र में कुछ पुरानी विशेषताओं को बनाए रखा होगा जिससे आधुनिक लोगों में भी पुरानी खूबियां वापस आ गई होंगी।
कहां प्रचलित थी ज्यादातर कहानियां?
अभी तक इंसानों के विकास की ज्यादातर कहानियां अफ्रीका और यूरोप पर ही केंद्रित थी। लेकिन चीन में हुआलोंगडोंग की यह नयी खोज और फिलीपींस और उत्तरी चीन में हुई अन्य खोजें बताती हैं कि एशिया भी मानव विकास के लिए बहुत अहम रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे, महाद्वीप भिन्न-भिन्न मानव प्रजातियों का घर था जहां वो एक साथ रहा करते, आपसे में प्रजनन करते रहे और हजारों वर्षों तक विकसित होते रहे।

