मोटा मुनाफा होने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने एक युवक को फंसाया जाल में…
ग्रेटर नोएडा: यूपी का गौतम बुद्ध नगर जिला अपने आप में खास है। यहां पर हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। वो चाहे चोरी हो, ठगी हो, चाहे दबंगई और सड़कों पर हाथापाई हो, सेक्टर में व्यवस्थाओं के बोलबाला का हो। ऐसा नहीं है कि पुलिस जिम्मेदारी से कार्यवाही नहीं करती, लेकिन उसके बाद भी यहां पर अपराध कम होने का नाम ले रहा है। एक ऐसा मुद्दा सामने आया जिसको सुन सहम जाएंगे आप।
8000 का लालच देकर ठगे 52 लाख
प्रीपेड टास्क के जरिए मोटा फायदा होने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने एक पुरुष को अपने जाल में फंसा लिया। उसके बाद क्या जल साजों ने प्रतिदिन दो से 8000 रुपए कमाने का लालच दिया। ऐसा करके आरोपियों ने 51 लाख 63 हजार रुपए से अधिक की ठगी कर ली। पीड़ित की कम्पलेन पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच पड़ताल प्रारम्भ कर दी है।
व्हाट्सएप पर आया मैसेज टेलीग्राम में जोड़ा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले निवासी अभिनव शर्मा ने पुलिस को कहा कि 18 जनवरी को उन्हें व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। मैसेज करने वाली स्त्री ने अपना नाम पल्लवी बताया। उसने प्रीपेड टास्क पूरा कर मोटा फायदा होने के बारे में जानकारी दी।
उसने कहा कि ऐसा करके वह प्रतिदिन दो से 8000 तक कमा सकते हैं वार्ता के बाद पीड़ित उस स्त्री की बातों में आकर फंस गया।इसके बाद जालसाज स्त्री ने पीड़ित को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया।
यह दिखाया मुनाफा
मैसेज के माध्यम से वार्ता में स्त्री ने प्रीपेड टास्क फायदा और क्रिप्टो करेंसी के बारे में जानकारी दी। आरंभ में प्रशिक्षण मिला। पीड़ित का बोलना है कि 18 जनवरी से 22 जनवरी के बीच में कुल 32 बार में उन्होंने 51 लाख 63 हजार 277 रुपए भिन्न-भिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।
लिंक से फंसे
उसके द्वारा दिए गए लिंक पर पीड़ित को फायदा 60 लाख रुपए दिखाई दे रहे थे। पीड़ित ने जब रुपए वापस भेजने के लिए बोला था। जालसाजों ने उन्हें VVIP चैनल, निर्माण टैक्स, भुगतान जुर्माना, के नाम पर अधिक रुपए की मांग प्रारम्भ कर दी।
भुगतान करो पैसे मिल जाएंगे
आरोपियों ने पीड़ित से बोला पहले भुगतान करो उसके बाद पैसे मिल जाएंगे। इस बीच उनके दोस्त से वार्ता हुई। तो उन्होंने फर्जीवाड़ा के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित ने हिंदुस्तान गवर्नमेंट के पोर्टल एनसीआर पर औनलाइन कम्पलेन दर्ज करें। साइबर क्राइम थाना पुलिस का बोलना है कि केस दर्ज कर जांच पड़ताल प्रारम्भ कर दी गई है। उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

