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डॉक्टर की सैलरी ! डॉ. दीपक कृष्णमूर्ति ने रिश्तेदार को सैलरी पर दिया करारा जवाब

 पूरी दुनिया में डॉक्टरों को बड़े ही सम्मान से देखा जाता है मध्यवर्ग के लगभग हर मां-बाप अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर चिकित्सक इंजीनियर ही बनाना चाहते हैं ऐसा माना जाता है कि चिकित्सक बनने पर एक तो समाज में उनका सम्मान बढ़ेगा, दूसरी अच्छे वेतन के कारण जीवन भी खुशी-खुशी बीतेगी हालांकि इस बीच लोगों के मन में एक प्रश्न तो यही उठता है कि अंतिम किसी चिकित्सक की सैलरी कितनी होती हैइसी कड़ी में बेंगलुरु के एक जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट ने हाल ही में एक ऐसा वाकया साझा किया, जिसने सोशल मीडिया पर हजारों लोगों को प्रभावित किया है कावेरी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डाक्टर दीपक कृष्णमूर्ति ने कहा कि कैसे उन्होंने अपने एक सम्बन्धी को करारा उत्तर दिया, जो उनके करियर की आरंभ में उनकी आर्थिक स्थिति का मजाक उड़ाया करता था

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डॉक्टर कृष्णामूर्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कहानी शेयर की, जो खूब वायरल हो रही है इस पोस्ट में पूछा गया था, ‘आप लोग कैसे चाचा-चाची से अपनी सैलरी के बारे में पूछताछ से बचते हैं?’

सैलरी बताकर सम्बन्धी का मुंह किया बंद
डॉ कृष्णमूर्ति ने कहा कि उनके एक सम्बन्धी हमेशा उनके मेडिकल करियर को लेकर ताने कसते थे जब उनके हमउम्र लोग कमाने लगे थे, तब वह पढ़ाई में व्यस्त थे और अपने पिता पर आर्थिक रूप से निर्भर थे हिंदुस्तान में चिकित्सक बनने के लिए सालों की मुश्किल ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है, जिसमें 10 वर्ष से अधिक समय मेडिकल डिग्री और स्पेशलाइजेशन में लग जाता है

हालांकि, जब यही सम्बन्धी वर्षों बाद उनकी सैलरी के बारे में पूछने आए, तब डाक्टर कृष्णमूर्ति ने उन्हें ऐसा उत्तर दिया कि वे चुप हो गए उन्होंने कहा, ‘मेरा वर्ष भर का टैक्स आपके दोनों बेटों की कुल सालाना आमदनी से भी अधिक था

डॉ कृष्णामूर्ति ने सीधे तौर पर अपनी सैलरी तो नहीं बताई, लेकिन उनके इस उत्तर से उनकी आमदनी का अंदाजा लगाना कठिन नहीं उनका यह उत्तर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है उन्होंने इस पोस्ट के अंत में #satisfaction हैशटैग का इस्तेमाल किया, जिससे यह पोस्ट और भी चर्चित हो गई

डॉ कृष्णमूर्ति की इस पोस्ट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी एक यूजर ने लिखा, “वो दिन शीघ्र आए जब मैं भी अपने टैक्स पेमेंट से संबंधियों को चौंका सकूं तब तक बस उनकी पूछताछ पर मुस्कुरा कर उत्तर देना होगा

डॉ कृष्णमूर्ति की इस कहानी ने उन तमाम युवाओं को प्रेरणा दी है, जो अपने करियर की आरंभ में आलोचनाओं का सामना करते हैं

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