दूल्हा-दुल्हन ने शादी को बना डाला चैरिटी इवेंट, मेहमानों को ही लगाया चूना
शादी में तैयार होकर मुफ़्त का खाना खाना हर किसी को पसंद होता है. लेकिन जिसके घर विवाह होती है, वही जानता है कि खर्चों की वजह से कितनी कठिनाई होती है. मेहमान शगुन का लिफाफा देकर मुफ़्त का खाना खाते हैं. लेकिन यदि विवाह में कोई आपसे खाने का खर्चा मांगे तो क्या होगा? सुनने में अजीब लगता है, है ना? लोग अपनी खुशी से अतिथियों को विवाह में बुलाते हैं. आखिर अब अतिथियों को किसी की विवाह में आने के लिए पैसे तो देने ही पड़ेंगे. तो ये विवाह है या बिज़नेस? लोग ऐसा ही प्रश्न इस अमेरिकी जोड़े से पूछ रहे हैं, जिन्होंने अपनी विवाह को एक चैरिटी इवेंट बना दिया.

शादी में 1.1 करोड़ रुपये जुटाए
पीपुल्स डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में रहने वाले मार्ले जैक्स और स्टीव जे लार्सन नाम के इस जोड़े ने बहुत अनोखे अंदाज़ में विवाह की. जहाँ आमतौर पर लोग शादियों पर लाखों-करोड़ों खर्च करते हैं, वहीं इस जोड़े ने अपनी विवाह को एक चैरिटी इवेंट बनाकर 1.1 करोड़ रुपये से ज़्यादा जुटाए. दोनों पेशे से बिज़नेसमैन हैं. हाल ही में उनकी विवाह हुई है. लेकिन विवाह में शामिल होने के लिए लोगों को विवाह के कार्ड की बजाय टिकट खरीदने पड़े. इस जोड़े का मानना था कि अमेरिका में पारंपरिक शादियाँ बहुत महंगी होती हैं. इसलिए उन्होंने तय किया कि विवाह में शामिल होने वाले अतिथियों को उपहार लाने और इस खास आयोजन का हिस्सा बनने के बजाय स्वयं ही अपना खाने का खर्च उठाना चाहिए.
मेहमानों को बेचे गए टिकट
इसलिए, उन्होंने विवाह में शामिल होने के लिए टिकट खरीदने की एक प्रबंध रखी. विवाह में शामिल होने के लिए दो तरह के टिकट थे. बेसिक टिकट की मूल्य 4,750 रुपये थी. इस टिकट से लोग विवाह कार्यक्रम और रिसेप्शन में शामिल हो सकते थे. दूसरा वीआईपी टिकट था, जिसकी मूल्य लगभग 83,000 रुपये थी. इसमें दो लोगों के लिए डिनर, विवाह के अगले दिन बायोहैकिंग ब्रंच और रिकवरी सेशन जैसे विशेष फायदा शामिल थे. आश्चर्य की बात यह है कि 100 बेसिक टिकट और 30 वीआईपी टिकट भी बेचे गए. हालाँकि, कुछ लोगों ने इस पहल की आलोचना की और इसे केवल ‘पैसा कमाने का ज़रिया’ बताया. लेकिन इस जोड़े ने साफ़ तौर पर बोला कि उनका उद्देश्य मुनाफ़ा कमाना एकदम नहीं था. उन्होंने बोला कि वे विवाह का खर्च उठाना चाहते थे और इसके ज़रिए कुछ अच्छा सामाजिक कार्य भी करना चाहते थे.
उन्होंने अतिथियों से पैसे क्यों लिए?
शादी के बाद बची हुई धनराशि (करीब 84 लाख रुपये) उन्होंने विलेज इम्पैक्ट नाम के एक एनजीओ को दान कर दी. यह एनजीओ केन्या में शिक्षा और विद्यालय के बुनियादी ढांचे पर काम करता है. इतना ही नहीं, विवाह के बाद हुए ब्रंच में भी अच्छी-खासी धनराशि दान की गई. इस तरह कुल मिलाकर करीब 1.16 करोड़ रुपये दान में दिए गए. अब यह जोड़ा जुलाई 2026 में केन्या जाएगा और अपनी विवाह से मिले पैसों से बन रहे विद्यालय के निर्माण में सीधे तौर पर सहायता करेगा.

