यूपी पुलिस एक मासूम को फंसाने को लेकर आया चर्चा में…
UP Police: यूपी पुलिस अकसर किसी ना किसी वजह से चर्चा में आ ही जाती है। एक बार फिर से उत्तर प्रदेश पुलिस खबरों में बनी हुई है। इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस किसी बहादुरी के काम या किसी कार्रवाई को लेकर नहीं बल्कि एक मासूम को फंसाने को लेकर चर्चा में है। दरअसल, सोमवार को बुलंदशहर से उत्तर प्रदेश पुलिस का एक वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिसे देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।
युवक को फंसाने के लिए कार में रखी पिस्तौल
जो पुलिस आम नागरिक की सुरक्षा के लिए होती है, यदि वहीं आपको झूठे आरोपों में फंसाकर कारावास भेज दें तो आप कहां जाएंगे। यह वीडियो देखकर हर कोई सोच में पड़ चुका है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक पुरुष अपनी कार से कहीं जा रहा है और उसे बीच में पुलिस रोक लेती है और उसकी गाड़ी में हथियार रख देते हैं।
यूपी पुलिस ने किया कारनामा
फिर क्या पुरुष की गाड़ी में जबरन पिस्तौल रखने के बाद पुरुष को झूठे इल्जाम में अरैस्ट कर लिया जाता है, लेकिन कहते हैं ना जैसी करनी वैसी भरनी। कुछ ऐसा ही उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ हुआ है। कल तक जो पुलिस पुरुष को झूठे इल्जाम में फंसा रहे थे, आज वह स्वयं फंस चुके हैं। घटना में शामिल चारों पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है और मुद्दे की जांच की जा रही है। अरैस्ट पुरुष की पहचान 21 वर्षीय अमित के रूप में की गई है।
सीसीटीवी ने खुली पुलिस की पोल
वहीं, घटना पर उसके पिता दिनेश ने चारों पुलिसवालों पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि 21 जुलाई को उनका बेटा एक कार्यक्रम से लौट रहा था। इस दौरान बाइक पर सवार कुछ पुलिसकर्मी आए और उन्होंने उसकी कार रोकी। फिर जबरन कार में पिस्तौल रख दिया और अमित पर मुकदमा दर्ज कर उसे कारावास भेज दिया।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए पुलिस पर सवाल
यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो चुकी है। अब यह सीसीटीवी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो देख लोग पुलिस पर प्रश्न खड़े कर रहे हैं। यह घटना राजनीति रूप लेती हुई भी नजर आ रही है। विपक्ष ने उत्तर प्रदेश पुलिस की इस करतूत पर योगी गवर्नमेंट पर निशाना साधा है और प्रदेश की कानून प्रबंध पर प्रश्न खड़े कर रहे हैं।

