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खाना खाने के बाद मीठा खाने का मन क्‍यों करता है? मिल गया जवाब

सामान्‍य बात है कि जब भी हम खाना खाते हैं, उसके तुरंत बाद मन करता है कि कुछ मीठा खा लें कई लोग चॉकलेट या आइस्‍क्रीम की तलाश में किचन की ओर भागते हैं तो कुछ रसगुल्‍ले का स्‍वाद लेना चाहते हैं यह आदत हालांकि ठीक नहीं, क्‍योंकि यह आपको डायबिटीज जैसी रोग दे सकती है मोटापे जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं लेकिन यह लालच जाती ही नहीं हर कोई खाने के बाद मीठा खाना चाहता है आप सोच रहे होंगे कि मीठा खाने के शौकीन लोग ही ऐसा करते होंगे, लेकिन ऐसा होता क्‍यों है? खाना खाने के बाद ही मीठा खाने का मन क्‍यों करता है? साइंटिस्‍ट ने इसका उत्तर ढूंढ निकाला है आइए जानते हैं कि एक्‍सपर्ट ने इस बारे में क्‍या कहा

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डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, खाने के तुरंत बाद मीठा खाने की इच्‍छा के पीछे कई कारण हो सकते हैं पहला, हो सकता है कि आपके शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी हो संतुल‍ित आहार न मिल पा रहा हो यह भी संभव है कि आप ज्‍यादा तनाव में रहते हों, लेकिन सबसे महत्‍वपूर्ण बात जो अब पता चली है कि आपके मस्तिष्क में कुछ ऐसे केमिकल बन रहे हों, जो इस तरह का निर्देश दे रहे हों भूख के बारे में निर्देश घ्रेलिन और लेप्टिन हार्मोंस देते हैं यही मस्तिष्क को संकेत देते हैं कि आपको कब खाना चाह‍िए और कब खाना बंद करने का समय आ गया है

कीटो डाइट इसके लिए जिम्‍मेदार
भोजन की लालच, इन संकेतों को पार कर सकती है आहार जानकार राचेल रिचर्डसन ने कहा कि कीटो डाइट इसके लिए जिम्‍मेदार हो सकती है ऐसी डाइट जिसमें फैट ज्‍यादा हो यह कार्बोहाइड्रेट की खपत को काफी कम कर देती है और उसे फैट में बदल देती है इससे शरीर ऊर्जा के लिए फैट जलाने में बहुत बहुत बढ़िया हो जाता है यदि यह न हो तो आपको मीठा खाने का मन ही नहीं करेगा इनके बिना आप कैंडी और चीनी से बनी मिठाइयों के लिए तरस सकते हैं जो लोग भी कीटो डाइट लेते हैं, उन्‍हें पोषण के लिए मीठा खाने की आवश्यकता महसूस होती है कीटो डाइट में मांस-मछली और लो कार्ब सब्जियों को शामिल किया जाता है सी फूड, चिकन, मीट, मछली, अंडा, केल, पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकोली, शिमला मिर्च, टमाटर आदि होते हैं

कुछ केमिकल कम होने का भी संकेत
रिचर्डसन के मुताबिक, यदि आप रात के खाने के तुरंत बाद मिठाई खा रहे हैं, तो यह जिंक, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे विटामिन की कमी का संकेत है मैग्नीशियम इंसुलिन उत्पादन को नियंत्रित करता है, जो रक्‍त में शर्करा का स्‍तर स्‍थ‍िर रखता है मैग्‍नीश‍ियम न हो तो ग्‍लूकोज कम हो सकती है इससे मिठाई खाने की इच्‍छा होगी तीसरी सबसे अहम वजह, किन्‍हीं लोगों में एक खास तरह का हार्मोन रिलीज होता है, जिसे एसएसएस बोला जाता है जब खाना कम दिलचस्प हो और आपको तृप्‍त न कर पाए तो यह मिठाई खाने का संकेत ब्रेन को देता है कई बार क्रेविंग इतनी ज्‍यादा हो जाती है कि आदमी तुरंत खाना चाहता है स्‍वाद कल‍िकाएं भी कई बार मीठा खाने की आदी हो जाती हैं मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे अच्छा महसूस कराने वाले रसायन निकलने के कारण भी आपको मिठाई खाने की ख़्वाहिश हो सकती है

अब लाभ भी जान लीजिए
अब लाभ भी जान लीजिए मीठे खाद्य पदार्थ ब्रेन को एक्‍ट‍िव करते हैं सेरोटोनिन जैसे रसायन मूड बना देते हैं आप ज्‍यादा खुश और अध‍िक आराम महसूस करते हैं; यह एक महत्‍वपूर्ण वजह है कि डिनर के बाद लोग मिठाई क्‍यों खाते हैं रात के समय बार-बार चीनी वाली मिठाई खाने से सहनशीलता विकस‍ित होती है लेकिन इसे ज्‍यादा खाने से आपका रुटीन खराब हो सकता है आपको इनकी आदत भी हो सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक होगी इसलिए सुनिश्चित करें कि डिनर में प्रोटीन, फाइबर युक्‍त भोजन लें तब यह आदत नहीं बनेगी चाहें तो इनकी स्थान कुछ फल भी ले सकते हैं;

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